मैक्सवेल माल्ट्ज साइको-साइबरनेटिक्स
चिंतन: चूक के बाद वापसी — Error Correction Without Self-Condemnation
उद्देश्य: चूक के बाद वापसी। मुख्य विधि: अवलोकन और लिखित चिंतन। अभ्यास का अंत एक ठोस और जाँच योग्य कार्रवाई से होता है।
विवरण
“चिंतन: चूक के बाद वापसी — Error Correction Without Self-Condemnation” “मैक्सवेल माल्ट्ज साइको-साइबरनेटिक्स” दृष्टिकोण से संबंधित है। उद्देश्य: चूक के बाद वापसी। यह आंतरिक तैयारी और ठोस कार्रवाई को जोड़ता है। उपयोगिता को स्पष्टता, आत्म-नियमन और पूरे किए गए कदमों से आँकें।
अभ्यास की विधि
- एक ठोस प्रश्न निर्धारित करें। विषय: चूक के बाद वापसी।
- परिणाम का अनुमान लगाए बिना तथ्य, विचार और भावनाएँ लिखें; फिर एक निष्कर्ष बनाएँ।
- 10–20 मिनट तक जारी रखें। ध्यान भटके तो शांत होकर वापस आएँ।
- एक ऐसी ठोस कार्रवाई के साथ समाप्त करें जिसे वास्तविक जीवन में किया और जाँचा जा सके।
सीमाएँ
अभ्यास बाहरी परिणाम की गारंटी नहीं देता और पेशेवर सहायता का विकल्प नहीं है। तथ्यों और वास्तविक कार्रवाइयों से जुड़े रहें।
उत्पत्ति और स्रोत
Maxwell Maltz · Psycho-Cybernetics · 1960
इस पर आधारित अनुकूलित प्रोटोकॉल: Psycho-Cybernetics (1960)। यह लेखक का शब्दशः निर्देश नहीं है।
मुख्य अवधारणाएँ
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